मुहर्रम में DJ और म्यूजिक पर रोक, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की एडवाइजरी; उल्लंघन पर ₹50 हजार जुर्माना

रायपुर
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने एक नई एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में कहा गया है कि इस्लामिक पर्वों को केवल इस्लामिक शिक्षा के अनुसार की आयोजित किया जाना चाहिए। इसके लिए वफ्फ बोर्ड ने मस्जिद कमेटियों, दरगाह कमेटियों और आयोजकों के लिए लेजर जारी किया है। इसमें अपील की गई है कि सभी कार्यक्रम इस्लामिक शिक्षाओं के अनुसार ही आयोजित किए जाएं।

इस्लामिक एडवाइजरी जारी
एडवाइजरी में मुहर्रम और दूसरे इस्लामिक धार्मिक आयोजनों से पहले किसी भी तरह के शोर पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। एजवाइजरी में वक्फ बोर्ड ने डीजे म्यूजिक, बैंड-बाजा, डांस प्रोग्राम, आतिशबाजी और पारंपरिक “शेर” परफॉर्मेंस जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने की अपील की है। बोर्ड का कहना है कि ऐसी गतिविधियां शरीयत के नियमों के मुताबिक नहीं हैं।

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जुर्माने का भी प्रावधान
एडवाइज़री में चेतावनी दी गई है कि जो कमेटियां इन निर्देशों का उल्लंघन करेंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसमें कमेटी को भंग करने और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।

सादगी से मनाएं त्योहार
वक्फ बोर्ड ने मुसलमानों से अपील की है कि वे मुहर्रम को इबादत, सादगी, अनुशासन और इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए मनाएं।

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    छत्तीसगढ़ मुस्लिम वक्फ बोर्ड की एडवाइजरी
    सादगी से साथ त्योहार मनाएं मुस्लिम समाज
    डीजे बजाना शरीयत के नियमों के खिलाफ
    उल्लंघन करने वालों पर लगेगा जुर्माना

बकरीद में की थी अपील
इससे पहले छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने बकरीद को लेकर भी अपील की थी। बकरीद के दौरान वक्फ बोर्ड ने कहा था कि कुर्बानी खुले में नहीं करना चाहिए। कुर्बानी बंद जगह पर होनी चाहिए। बोर्ड ने कहा था कि खुले में खून नहीं बहाना चाहिए। दूसरे धर्म के लोगों को सम्मान करते हुए आपसी भाईचारे का उदाहरण पेश करना चाहिए।

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